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Peedantak Vati Uses In Hindi | कार्य, लाभ और दुष्प्रभाव

Peedantak Vati Uses In Hindi | आज के समय में जोड़ो में दर्द की समस्या बहुत ही लोगो को हो रही है। मुख्यतौर पे कम कसरत करना या फिर अन्य कोई बीमारियों की वजह से हमे यह समस्या देखने को मिलती है। जोड़ो में होने वाला दर्द कभी कभी बहुत ही असहनीय हो जाता है जिसकी वजह से हम अपनी रोजमरा के काम नहीं कर सकते है। Peedantak Vati आर्युवेदिक औषधी से बना एक मिश्रण है जो जोड़ो के दर्द से जुडी समस्या को जड़ से मिटाता है। डॉक्टर भी यह दवाई उपयोग करने का सुझाव देते है। ऐसे में यह दवाई से जुडी हर जानकारी अपने पास रखना बहुत ही जरूरी है। इसीलिए आज हम Peedantak Vati Uses In Hindi और इससे जुडी अन्य जानकारी आपको देंगे।

Peedantak Vati Uses In Hindi

Peedantak Vati

जोड़ो का दर्द पहले के समय में सिर्फ ज़्यादा उम्र वाले लोगो में ही देखने को मिलता था। लेकिन अब बदलते समय के साथ यह समस्या बहुत ही आम हो चुकी है। मार्किट में बहुत प्रकार की दवाइया मौजूद है जिसके इस्तेमाल से आपको यह दर्द से राहत मिल सकती है। लेकिन यह दवाई आपके दर्द का हल तो कर देगी लेकिन इसके साथ आपके शरीर में बहुत से नुकसान भी पहुचायेगी। ऐसे में Peedantak Vati एक ऐसी आर्युवेदिक दवाई है जो प्राकृतिक घटको से मिलके बनी है। जिसके सेवन से जोड़ो से जुड़े सभी दर्द ठीक होंगे और शरीर में नुकसान भी नहीं होगा।

नीचे कुछ परेशानियां दी गई है वैसे मामले में डॉक्टर अपने मरीजों को Peedantak Vati उपयोग करने का सलाह देते है:-

  • जोड़ो का दर्द
  • मासपेशियो में दर्द की समस्या
  • हड्डियों का कमजोर होना
  • शरीर में जोड़ो से जुडी अन्य समस्याए

Peedantak Vati – कार्य प्रक्रिया

यह एक प्रकार का आर्युवेदिक मिश्रण है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व आपके जोड़ो के दर्द को जड़ से मिटा देते है। इसी के साथ यह मासपेशी और हड्डीओं को सवस्थ भी रखते है। Peedantak Vati में मुख्यतौर पे अश्वगंधा, गिलोय, गुग्गुल, हल्दी, पुनर्नवा, गोदंती भस्म, दशमूल, सुरंजन, मुक्ताशुक्ति भस्म और योगराज गुग्गुलु जैसे औषधी डाली जाती है। यह औषधी का मिश्रण से आपके शरीर में बहुत से प्रकार के फायदे देखने को मिलते है।

  • अश्वगंधा शरीर में सूजन की वजह से होने वाले दर्द में मरीज को राहत देती है
  • गिलोय प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़े समस्या को हल करता है
  • गुग्गुल मांशपेशी को सवस्थ रखता है और इससे जुडी अन्य समस्याओ का हल भी करता है
  • हल्दी हमारे भारतीय खानो का एक अहम भाग है। इसके सेवन से प्रतिरक्षा प्रणाली सवस्थ और मजबूत रहती है
  • पुनर्नवा और गोदंती भस्म से शरीर में सूजन कम होती है
  • दशमूल अर्थराइटिस बीमारियों में शरीर की मदद करता है। इसकी वजह से यह बीमारी फैलने से रूकती है

Peedantak Vati का सेवन

यह दवाई का सेवन हमेशा डॉक्टर द्वारा बताये गए समय और मात्रा के अनुसार ही करे। हर वयक्ति के शरीर में बीमारी की गंभीरता के ऊपर दवाई की मात्रा निर्भर करती है। Peedantak Vati दवाई का सेवन करते समय निचे दी गई बातो का ध्यान रखे।

  • दवाई को एक दिन में दो बार से ज़्यादा ना ले
  • दवाई का सेवन हमेशा खाने के बाद ही करे
  • दवाई को आप पानी या डॉक्टर द्वारा सूचित प्रवाही के साथ ले सकते हो

Peedantak Vati के लाभ:-

यह दवाई के सेवन से आज लाखो ऐसे लोग जो जोड़ो के दर्द से परेशान थे ऐसे लोगो के जीवन में काफी सुधार आया है। Peedantak Vati में मौजूद तत्व ना सिर्फ जोड़ो के दर्द कम करते है बल्कि यह अर्थराइटिस, सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस (गर्दन की हड्डी से जुडी एक बीमारी) और साइटिका (कमर दर्द से जुडी बीमारी) जैसी बीमारियों में भी फायदेमंद साबित हुआ है।

  • जोड़ो का दर्द कम होता है
  • मांशपेशिया मजबूत होती है
  • शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है
  • हड्डिया मजबूत होती है
  • कमर दर्द से जुडी बीमारी में राहत मिलती है
  • शरीर के अन्य भागो के जोड़ो के दर्द में भी राहत मिलती है

Peedantak Vati के उपयोग करने से दुष्प्रभाव (Side Effects)

यह दवाई के सेवन से आपको जोड़ो के दर्द की समस्या में राहत मिलेगी। जोड़ो की समस्या जड़ से ख़तम यह दवाई से होती है की नहीं यह अभी तक पता नहीं चला है। हां दर्द के समय आपको थोड़ी राहत मिल सकती है। Peedantak Vati में उपयोग किये जाने वाले तत्व प्राकृतिक है जिसका डॉक्टर द्वारा बताई गयी मात्रा में सेवन करने से शरीर में कोई भी दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिलते है। अगर यह दवाई से आपको कोई दुष्प्रभाव देखने को मिलते है तो तुरंत अपने डॉक्टर को संपर्क करे।

Peedantak Vati को किस स्थिती में सेवन न करे

आज के समय में दवाइया हमारे लिए एक बहुत ही जरूरी चीज़ हो चुकी है। चाहे कितनी भी बड़ी बीमारी हो इसका जड़ से समाधान हमें एक छोटी सी दवाई में मिल जाता है Peedantak Vati भी एक ऐसी ही दवाई है जो जोड़ो से सम्बंधित समस्या दूर करती है। हालांकि यह दवाई लेते वक़्त आपको कुछ चीज़े ध्यान में रखनी चाहिए ताकि दवाई से आपको किसी भी प्रकार की हानि ना पहुंचे।

  • यह दवाई बच्चो के लिए नहीं बनी है। इसीलिए बच्चो को यह दवाई ना दे
  • गर्भवती महिलाओ के शरीर पे यह दवाई का असर अभी तक जानने को नहीं मिला है। इसीलिए ऐसे स्थिति में दवाई डॉक्टर से पूछ के ले
  • दवाई में मौजूद किसी तत्व से अलेर्जी है तो दवाई का सेवन ना करे
  • आने वाले कुछ सप्ताह में आपकी सर्जरी होने वाली हे तो इसकी बात डॉक्टर से जरूर करे

महत्त्वपूर्ण सावधानियां

आज लोगो की रूचि आर्युवेदिक दवाई की और बहुत ही बढ़ रही है। पहले के समय में यह दवाई मनुष्य के जीवन में एक वरदान के रूप में थी। भारत में यह दवाई का उपयोग हज़ारो सालो से किया जा रहा है। लेकिन आज के समय हमारी जीवनशैली पुराने समय जैसी नहीं रही है। बदलती जीवन के साथ हमे दवाई के सेवन के समय कुछ सावधानिया रखनी पड़ती है। Peedantak Vati का सेवन करते समय निचे दी गयी सावधानियों को ध्यान में रखे।

  • दवाई को हमेशा ठंडी जगह पे स्टोर करे
  • दवाई को लेने से पहले इसकी एक्सपायरी डेट जरूर चेक करे
  • दवाई का सेवन हमेशा डॉक्टर द्वारा बताई गयी मात्रा और समय के अनुसार करे
  • दवाई को सीधे सूर्य की रौशनी आये ऐसी जगह ना रखे
  • दवाई के साथ किसी भी प्रकार के नशे का सेवन ना करे

Peedantak Vati को लेकर मरीजों द्वारा कुछ पूछे जाने वाला सवाल:-

Peedantak Vati का उपयोग किसलिए किया जाता है?

यह दवाई का उपयोग जोड़ो के दर्द से जुडी समस्याओ को ठीक करने के लिए किया जाता है।

Peedantak Vati का सेवन दिन में कितनी बार करना चाहिए?

यह दवाई मुख्यतौर पे एक दिन में 2 बार लेने को कहा जाता है।

क्या Peedantak Vati का उपयोग गर्भवती महिला कर सकती हैं?

दवाई का उपयोग हर गर्भवती महिला के शरीर और तंदुरस्ती के ऊपर निर्भर करता है। ऐसे में यह दवाई लेने से पहले डॉक्टर को जरूर पूछे।

क्या Peedantak Vati का उपयोग बच्चो के लिए कर सकते है?

जी नहीं, यह दवाई बच्चो के लिए नहीं बानी है। इसलिए इसको बच्चो की पहुंच से दूर रखे।

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