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R42 Homeopathic Medicine Uses In Hindi | कार्य, लाभ और दुष्प्रभाव

R42 Homeopathic Medicine Uses In Hindi | अगर आप ​वैरिकोज वेन्स नामक बीमारी का सामना कर रहे है तो आज आप बिलकुल सही जगह पे आये है। यह बीमारी शरीर में रही नस पर असर करता है। जिसमे हमारी नस फूल जाती है और इसका रंग नीला अथवा लाल हो जाता है। ऐसी समस्या में डॉक्टर Dr. Reckeweg R42 Homeopathic नामक दवाई का उपयोग करने की सलाह देते है। यह दवाई नसों से जुड़े रोग को ठीक करती है और मरीज को राहत पहुँचाती है। आज के यह लेख में हम R42 Homeopathic Uses In Hindi और जिससे जुडी अन्य जानकारी आपको देंगे।

Composition एस्कुलस + कैल्शियम + कार्डुअस मेरिऐनस + हैमामेलिस + मेजेरियम + प्लेसेंटा
कंपनी विविध कंपनी द्वारा बनाया जाता है
दवा का प्रकारहोम्योपैथिक
उपयोगवैरिकोज वेन्स की समस्या में
कीमत₹280-300
प्रिस्क्रिप्शन आवश्यक हैहाँ

R42 Homeopathic Medicine Uses In Hindi

R42 Homeopathic Medicine

वैरिकोज वेन्स एक ऐसी बीमारी है जो मुख्यतौर पे लोगो को पैर में देखने को मिलती है। जिसमे शरीर की नस फूल जाती है और इसमें ज़्यादा मात्रा में खून जमा होना शुरू हो जाता है। इसकी वजह से पैर के मार्ग से खून हृदय तक नहीं जा पता है। यह समस्या की वजह से पैर के भाग में दर्द भी महसूस हो सकता है। R42 Homeopathic में रहे तत्व नसों से जुडी समस्या को हल करते है। इसी के साथ इसे जुडी सभी समस्या में मरीज को राहत पहुंचाने की कोशिश करते है।

नीचे कुछ परेशानियां दी गई है वैसे मामले में डॉक्टर अपने मरीजों को R42 Homeopathic Medicine उपयोग करने का सलाह देते है:-

  • वैरिकोज वेन्स
  • पेरो में सूजन
  • पैर की नसों का लाल या नीला होना
  • पैर से खून दिल तक ना जा पाना
  • नसों से सम्बंधित अन्य समस्याए

R42 Homeopathic Medicine – कार्य प्रक्रिया

यह दवाई आधुनिक तकनीक से बनाया गया है जिसमे काफी प्रकार के तत्वों का उपयोग किया गया है। यह सभी तत्त्व नसों को तंदुरस्त बनाते है और इससे जुडी समस्या को जड़ से ख़तम करने में शरीर की मदद करते है। R42 Homeopathic Medicine में एस्कुलस, कैल्शियम fluoratum, कार्डुअस मेरिऐनस, हैमामेलिस, मेजेरियम और प्लेसेंटा जैसे तत्व डाले गए है। यह सभी तत्व शरीर में अस्वस्थ रही नसों को ठीक करने का काम करते है।

  • एस्कुलस नसों के फैलाव के लिए उपयोगी माना गया है। यह नस कितनी फूली रहनी चाहिए यह भी नियंत्रण करता है
  • कैल्शियम fluoratum कमजोर कोशिकाओं को ठीक करता है और शरीर में इसकी वजह से होने वाली समस्या में राहत मिलती है
  • हैमामेलिस यह बीमारी के लिए बहुत ही फायदेमंद है। यह नसों में हुए रूकावट को हल करता है जिससे यह बीमारी से छुटकारा मिलता है
  • प्लेसेंटा नसों के द्वारा सही तरीके से रक्त का प्रवाह नियंत्रित करता है। जिसकी वजह से पैर में हो रहे दर्द से राहत मिलती है

R42 Homeopathic Medicine का सेवन

यह दवाई हर वयक्ति के बीमारी के गंभीरता के ऊपर निर्भर करती है। हमेशा R42 Homeopathic Medicine का सेवन डॉक्टर द्वारा बताई गयी मात्रा और समय के अनुसार ही करे। अगर आप यह दवाई का सेवन करते है तो निचे दी गई बातो का ध्यान रखे।

  • दवाई के 10 से 15 ड्रॉप्स थोड़े से पानी में खाने से पहले ले
  • मुख्यतौर पे दवाई का सेवन एक दिन में 3 बार करने को कहा जाता है
  • अगर बीमारी गंभीर है तो दवाई हर 1 घंटे में लेने को भी कहा जाता है
  • दवाई की मात्रा हर वयक्ति के लिए अलग अलग हो सकती है

R42 Homeopathic Medicine के लाभ

यह दवाई के सेवन से नसों से जुडी समस्या में काफी सारे मरीजों को राहत मिली है। R42 Homeopathic Medicine ना सिर्फ नसों को ठीक करता है बल्कि इसको सवस्थ और पहले जैसी बनाने में भी मदद करता है। वैरिकोज वेन्स नामक बीमारी से होने वाली पैरो की सूजन और पैरो का भारी होना जैसी समस्या में भी यह दवाई फायदेमंद साबित हुए है। यह दवाई के सेवन से होने वाले लाभों की सूचि निचे दी गई है।

  • वैरिकोज वेन्स नामक बीमारी से राहत मिलती है
  • पैरो की जलन कम होती है
  • बहुत देर तक बैठने से होने पैरो के दर्द में आराम मिलता है
  • नसे सवस्थ और तंदुरस्त बनती है
  • कमजोर कोशिका सवस्थ होती है
  • पैरो में हो रही सूजन और दर्द कम होता है

R42 Homeopathic Medicine के उपयोग करने से दुष्प्रभाव (Side Effects)

इंटरनेट से मिली अभी तक की जानकारी के अनुसार यह दवाई से कोई दुष्प्रभाव होते है ऐसा जानने को नहीं मिला है। हमेशा R42 Varicosis Medicine का सेवन डॉक्टर द्वारा दी गई मात्रा के अनुसार ही करे। अगर यह दवाई के सेवन के बाद आपके शरीर में कुछ दुष्प्रभाव होते है तो इसकी जानकारी डॉक्टर को जरूर दे। दवाई से होने वाले दुष्प्रभाव मुख्यतौर पे साधारण होते है लेकिन कुछ स्थिति में यह गंभीर रूप भी ले सकते है।

R42 Homeopathic Medicine को किस स्थिती में सेवन न करे

आज दवाई की वजह से हम कोई भी बीमारी का हल चुटकीभर में ढूंढ लेते है। दवाई का सेवन करते वक्त हम कुछ चीज़े ध्यान में नहीं रखते है जिसकी वजह से फिर हमें कुछ नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप R42 Homeopathic Medicine का सेवन करते है तो निचे दी गई बातो का ध्यान रखे।

  • अन्य दवाई के साथ यह दवाई के नुकसानकारक प्रभाव हो सकते है। इसीलिए अन्य दवाई के साथ यह दवाई लेने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछे
  • गर्भवती महिलाये दवाई लेने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछे
  • आने वाले सप्ताह में अगर आपकी कोई सर्जरी है तो दवाई का सेवन जारी रखना है की नहीं इसकी जानकारी डॉक्टर से जरूर ले

महत्त्वपूर्ण सावधानियां:-

हर सिक्के के दो पहलु होते है। अगर हम दोनों पहलु को ध्यान से परख लेते है तो हमें कोई नुक्सान नहीं होता है। ऐसे ही दवाई में भी कुछ नुकसान और फायदे देखने को मिलते है। और ऐसे स्थिति में बेहतर यही होता है की हम दवाई से जुडी सभी कॉमन सावधानियों को ध्यान में रखे। ताकि बीमारी से जल्दी से जल्दी छुटकारा पा सके। अगर आप R42 Homeopathic Medicine का सेवन करते है तो निचे दी गयी सावधानियों को ध्यान रखे।

  • दवाई को हमेशा ठंडी और ड्राई जगह स्टोर करे
  • दवाई को बच्चो की पहुंच से दूर रखे
  • दवाई को ऐसी जगह रखे की इसपे सीधी सूर्य की रौशनी ना आ पाए
  • दवाई में मौजूद किसी तत्व से अलेर्जी है तो दवाई का सेवन ना करे

R42 Homeopathic Medicine को लेकर मरीजों द्वारा कुछ पूछे जाने वाला सवाल:-

R42 Homeopathic Medicine का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

यह दवाई का उपयोग नसों से संबधित बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है।

R42 Homeopathic Medicine का उपयोग दिन मे कितनी बार करना चाहिए?

यह दवाई का उपयोग बीमारी की गंभीरता और वयक्ति के ऊपर निर्भर करता है। मुख्यतौर पे यह दवाई एक दिन में तीन बार लेने को कहा जाता है।

क्या R42 Homeopathic Medicine बच्चो के लिए सुरक्षित हैं?

यह दवाई का बच्चो के ऊपर क्या असर होता है वह अभी तक जानने को नहीं मिला है। इसीलिए दवाई को बच्चो को देने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछे।

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